देवघर, अगस्त 6 -- देवघर। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ कामनालिंग बाबा वैद्यनाथ मंदिर के शिखर पर 'पंचशूल स्थापित है। सामान्यतया भारतवर्ष के के शिव मंदिरों के शिखर पर त्रिशूल ही प्रचलित है, परंतु यहां पर पंचशूल स्थापित है। पंचशूल के पीछे पंचमुखी शिाविलंग को आधार माना गया है। मयमत में जो 'पंचशूल की चर्चा है उसे पद्मपीठ के नाम से संबोधित किया गया है। पुरातत्व की दृष्टि से पंचमुखी शिवलिंग मथुरा के संग्रहालय में सुरक्षित है। 'पंचशूल का मूल संबंध पुरातत्व से माना जाता है। तत्कालीन बाबा वैद्यनाथ मंदिर प्रबंधन बोर्ड द्वारा प्रकाशित 'वैद्यनाथ पत्रिका में जिक्र किया गया है कि 'पंचशूल की प्रतीकात्मकता पंच प्राणों में अंतर्निहित समस्त शक्तियों को प्रकट करती है। स्थापत्य कला में यह पंचमुखी शिवलिंग और शिव के मंदिर में पंचशूल के रूप में प्रसिद्ध ...
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