उन्नाव, मार्च 24 -- हिलौली। क्षेत्र के शिशु मंदिर में रविवार को बाबा जयगुरुदेव के अनुयायियों ने मुक्ति दिवस मनाया। वक्ता राजेश कुमार ने कहा कि महापुरुषों का जन्म दूसरों के हित के लिए होता है। ज्ञानी पुरुषों की संगत में बैठने से ही मस्तिष्क का विकास होता है और मनुष्य सदमार्ग की ओर अग्रसर होता है। कहा कि बाबा जयगुरूदेव 25 जून 1975 से 23 मार्च 1977 तक आपातकाल के दौरान दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद रहे थे। उसके बाद 23 मार्च 1977 को रिहा हुए थे। उसी दिन से प्रत्येक वर्ष 23 मार्च से मुक्ति दिवस कार्यक्रम मनाया जाता है। मुक्ति दिवस को लेकर अनुयायियों ने सुबह घरों में ध्वज फहराया और उपवास रखा। शाम तीन बजे उपवास का परायण किया। इस दौरान परमेश्वर दीन, गयाबक्स, नीलम, सौम्या, वंदना, धनीराम, घनश्याम, राधेश्याम, सरोज आदि मौजूद रहे।
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