गोरखपुर, जनवरी 16 -- गोरखपुर मुख्य संवाददाता। शिवावतारी गुरु गोरक्षनाथ को मकर संक्रांति के पूर्व कर आस्था की खिचड़ी चढ़ाने के लिए गुरुवार को आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा जिसमें उम्र, बीमारी और शारीरिक दुर्बलता सब पीछे छूटती दिखी। ठंड की सिहरन, लंबी कतारें और भीड़, इन सबके बीच बुजुर्ग श्रद्धालुओं के चेहरे पर सिर्फ एक ही भाव था- गुरु गोरखनाथ के चरणों में खिचड़ी चढ़ाने की अटूट श्रद्धा। बचपन से देखती आई हूं कि मकर संक्रांति पर बाबा को खिचड़ी चढ़ाई जाती है। शरीर साथ न दे, तो क्या हुआ-मन तो आज भी उतना ही मजबूत है। - चंद्रिका, 65 वर्ष, गोलौहरा मेरी सांस फूलती है। डॉक्टर ने ठंड में निकलने से मना किया था, पर यह दिन साल में एक बार आता है। गुरु जी बुला लें, तो शरीर की नहीं सुनते। - छोटेलाल, 70 वर्ष, खोराबार घर में मेरा भरा-पुरा परिवार है। उन सब की समालत...
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