बिजनौर, दिसम्बर 2 -- गंगा खादर क्षेत्र में महीनों तक भरे रहे बाढ़ के पानी से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे को लेकर किसान परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि आरोप है कि फसल के आधार पर सर्वे नहीं किया गया, न ही खातों में पैसे डाले गए। किसानों ने लेखपालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उचित मुआवजे की मांग की है। इस वर्ष भारी के बारिश के बाद करीब एक माह से भी अधिक समय तक जलीलपुर खादर क्षेत्र में बाढ़ का पानी भरा रहा था। इससे एक दर्जन गांवों के किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं। शासन के आदेश पर जिला प्रशासन ने बर्बाद फसल का सर्वे कराकर मुआवजा भी दे दिया। गांव नारनौर के किसान प्रेमचंद, विनोद कुमार, चमनो देवी, योगेश कुमार, राजू देवी आदि का कहना है कि मुआवजे के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरा जैसा मुआवजा दिया गया है। कुछ किसानों का आरोप है कि फसल के आधार पर सर्व...
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