हापुड़, अगस्त 9 -- सालभर बाद आने वाले बहन-भाई प्यार भरे त्योहार पर गंगा किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ के पानी ने बहनों को ससुराल में ही रुकने पर मजबूर कर दिया है। तीन दिन से गांवों के आसपास पहुंचा पानी रक्षा बंधन से पहले गांवों में घुस गया है। गढ़ नगर से जीने वाले चक लठीरा के रास्ते पर बने पुल के ऊपर चार फुट पानी बह रहा है। रास्तों में पानी भरने के कारण भाईयों ने बहनों से आने के लिए इंकार कर दिया है। रक्षा बंधन पारंपरिक रूप से भाई-बहन के पवित्र बंधन का उत्सव है। ऐतिहासिक रूप से, इस त्योहार का इतिहास कई सदियों पुराना माना जाता है, जिसका उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में भी है। जिसको मनाने के लिए बहने रक्षा बंधन पर भाई के माथे पर तिलक कर हाथ की कलाई पर राखी बांधती है। मुंह मीठा करने के लिए मिठाई खिलाती है। जो बहने शादी होने के बाद अपनी ससुराल में ...
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