प्रयागराज, अगस्त 6 -- तेंदुए की तलाश में बुधवार को भी फूलपुर वन अधिकारी नाव से कोटवा कछार पहुंचे। जिस पेड़ पर उसके होने की बात कही जा रही थी, वहां वह नहीं दिखा। गंगा की दो धाराओं के बीच बहुत बड़े भूभाग पर उगे जंगल की वजह से तेंदुए की तलाश आसान नहीं है। ग्रामीणों ने दावा किया कि काफी दिनों से कछार में वह जानवरों को शिकार बना रहा है। ग्रामीणों में दहशत है। कोटवा कछार में मंगलवार को एक पेड़ पर तेंदुआ दिखने से हड़कंप मच गया था। किसानों की सूचना पर वन अधिकारी भी टीम के साथ तेंदुए को पकड़ने के लिए नाव से पहुंचे थे, लेकिन अंधेरा होने की वजह से सफलता नहीं मिली। दक्षिणी कोटवा के आमोद सिंह, मोनू सिंह, तारा सिंह, ननकऊ, नितेश आदि ने बताया कि दो महीने से तेंदुए की मौजूदगी की चर्चा की जा रही है। गंगा की दो धाराओं के बीच कई किलोमीटर के दायरे में खेती की...
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