अलीगढ़, सितम्बर 18 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। यमुना में आई बाढ़ के कहर से तहसील खैर के गांव में बर्बादी का मंजर साफ दिखाई दे रहा है। यमुना किनारे बसे गांवों में कुछ दिनों पूर्व तक लहलहाती फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। तहसील व राजस्व विभाग की टीम द्वारा किए गए संयुक्त सर्वे में करीब तीन हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद होना सामने आया है। इससे सात गांव के करीब 700 किसान प्रभावित हुए हैं। खैर तहसील प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार यमुना किनारे बसे घरबरा, लालपुर, पखौदना, ऊंटासानी व मालव पंचायत के गांवों में तो शत-प्रतिशत फसल चौपट हो गई है। धान, व बाजरा की फसलें पानी में सड़ गईं। खेतों में अब सिर्फ झाड़-झंखाड़ व दलदल बचा है। मिट्टी की ऊपरी परत बह जाने से अगली फसल भी प्रभावित होने का खतरा है। पानी उतरने के बाद खैर तहसील के राजस्व विभाग की टीमों ने ग...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.