गंगापार, अगस्त 18 -- गंगा के बाढ़ और बरसात से गंगा के कछार पर बसे लोगों के अलावा अन्य तमाम गांवों के हजारों किसान खेती नष्ट होने से तबाह हो चुके है। गंगा कछार पर स्थित कई किसानों की सब्जियों की खेती गंगा के बाढ़ में डूबकर नष्ट हो गई है। बरहाकला सहित तमाम गांवों के खेतों में अभी तक बरसात का पानी भरे होने ने धान, दलहन व तिलहन की हर तरह की खेती चौपट हो चुकी है। मांडा क्षेत्र के बामपुर गाँव में गंगा कछार पर तमाम किसानों द्वारा सब्जी की खेती की जाती है। कछार पर परवल व करैला की खेती करने वाले किसान मातादान, राजकुमार, रामबाबू अर्जुन, बाल जी तिवारी आदि ने बताया कि हर साल गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद उनकी खेती गंगा के पानी में डूबकर तबाह हो जाती है। किसानों की यह पीड़ा भी है कि कभी भी बाढ़ से तबाह खेती का उनको मुआवजा नहीं मिल पाता। इस बार भी तमाम क...
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