मोतिहारी, दिसम्बर 13 -- बलुआ बाजार में शहर के करीब हजारों लोग छोटी से बड़ी खरीदारी के लिए हर रोज पहुंचते हैं। एक हजार से अधिक छोटी-बड़ी दुकानें व प्रतिष्ठान है। जहां थोक व खुदरा विक्रेता भी है। एक अनुमान के तहत हर रोज पांच करोड़ रुपये का कारोबार होता है। नगर निगम व सरकार को इस बाजार से अच्छी खासी टैक्स के रूप में आमदनी होती है। बाजार में सुविधाओं पर नजर डाली जाये तो नदारद हैं। बाजार में आने वाले ग्राहकों को कई तरह की परेशानियों से हर दिन गुजरना पड़ता है। पहली समस्या तो यह है कि जाम से जूझना होगा। चारों ओर अतिक्रमण के कारण सड़के संकीर्ण हो गयी है। सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। इस बीच किसी को अगर शौचालय जाने की आवश्यकता पड़ गयी तो उसकी परेशानी को कहना मुश्किल है। संजय सिंह का कहना है कि एक नया शौचालय बनाया गया है उसमें ताला लगा हुआ है। पुरा...