रुद्रपुर, नवम्बर 29 -- खटीमा, संवाददाता। खेत में काम कर रहे ग्रामीण पर बाघ के हमले का मामला जांच में सही नहीं पाया गया। वन विभाग की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हमला वास्तव में जंगल में हुआ था। शुक्रवार को बरी अंजनिया निवासी विक्रम सिंह राणा बाघ के हमले का शिकार बने। प्रारंभिक जानकारी में उन्होंने बताया कि वे चांदा में खेत में पानी लगा रहे थे, तभी बाघ ने उन पर हमला किया। रेंजर आरएस मनराल ने तुरंत डिप्टी रेंजर सुंदर लाल वर्मा को घटनास्थल पर भेजकर जांच के निर्देश दिए। जांच में पता चला कि विक्रम सिंह राणा जंगल में घायल जानवर को लेने गए थे और बाघ को भगाने का प्रयास कर रहे थे। उन्हें घायल जानवर चीतल लगा, लेकिन वह नील गाय थी। इस दौरान बाघ ने शिकार छीनने का प्रयास किया और यह हमला विक्रम सिंह और उनके दो साथियों पर भारी पड़ा। बाघ ने बाइक सवारों पर हम...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.