गोंडा, नवम्बर 25 -- गोण्डा, संवाददाता। ग्रामीण इलाकों में वर्षों से बांस की बल्लियों के सहारे टंगी बिजली की तारें अब बदलेंगी। बिजली विभाग ने जिले में ऐसे तीन हजार से अधिक कनेक्शनों की पहचान की है, जहां सौभाग्य योजना के तहत उपभोक्ताओं को बिजली तो दी गई, लेकिन खंभे लगाने का मूल काम कंपनियों ने अधूरा छोड़ दिया। परिणामस्वरूप उपभोक्ता आज भी बांस, लकड़ी अथवा अस्थायी सहारे के भरोसे बिजली का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे सभी कनेक्शनों को अब पक्के खंभों से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सौभाग्य योजना में कंपनियों की यह लापरवाही लंबे समय से उपभोक्ताओं की परेशानी का कारण बनी हुई थी। गांवों में जहां खंभे नहीं लगाए गए, वहां थोड़ी सी आंधी-बारिश में तार ढीले होने पर घंटों सप्लाई बाधित रहती थी। कई स्थानों पर बांस के सड़ने से तारें झुक जातीं, जिससे हादसे क...