श्रावस्ती, फरवरी 8 -- जमुनहा, संवाददाता। जलभराव, कीचड़ व बदहाली बांसगढ़ी गांव की पहचान बन चुकी है। गांव के अधिकतर मार्ग या तो जलभराव से डूबे हुए हैं या फिर कीचड़ से भरे हुए हैं। इससे जहां लोगों को आने जाने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं संक्रामक बीमारियां भी फैल रही हैं। जिले में स्वच्छ भारत मिशन की हकीकत देखना हो तो जमुनहा विकास क्षेत्र के ग्राम पंचायत फत्तेपुर बनगई के मजरा बांसगढ़ी गांव चले जाइए। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते इस गांव के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव के विकास पर हर साल लाखों का बजट खर्च होने के बाद भी इस गांव में भीषण जलजमाव, अधिकतर रास्तों पर कीचड़ की भरमार है। सड़क पर महीनों से जलजमाव से दुर्गन्ध आती है। जिससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव की बदहाल तस्वीरें दे...