नई दिल्ली, नवम्बर 4 -- बांग्लादेश की मुहम्मद युनूस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार ने साफ कहा है कि अगर भारत की अडानी कंपनी के साथ हुए साल 2017 के बिजली समझौते में किसी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार का सबूत मिलता है, तो वे इस करार को रद्द करने से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, राष्ट्रीय समीक्षा समिति के एक सदस्य मुश्ताक हुसैन खान ने एक अहम बात कही है। उन्होंने कहा कि क्योंकि यह एक 'सॉवरेन कॉन्ट्रैक्ट' (दो देशों के बीच समझौता) है, इसलिए इसे मनमाने ढंग से खत्म नहीं किया जा सकता। ऐसे समझौतों को रद्द करने से बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालतों से भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।रिपोर्ट में बड़े आरोप यह बात एक ऐसी रिपोर्ट के सामने आने के बाद कही गई है, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र में "बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार" और "शासन में बड़ी विफलता" का दावा किया ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.