महाराजगंज, नवम्बर 2 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिला पर्यटन एवं सांस्कृतिक परिषद द्वारा आयोजित महराजगंज महोत्सव में कवियों की स्वर लहरियों ने ऐसा समां बांधा कि पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। काव्य गोष्ठी में शिक्षकों और रचनाकारों ने समाज, संवेदना और संघर्ष को अपनी कविताओं में पिरो कर श्रोताओं के दिल जीत लिए। शिक्षा परिषद के शिक्षक नवीन शुक्ल सालिक महराजगंजवी ने समाज को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देते हुए रचना सुनाया कि बहुत दे चुके पाजेब, झूमके और बिंदी, अब बेटियों को किताब देंगे हम। उनकी इस रचना पर श्रोताओं ने तालियां बजाकर स्वागत किया। कवि के शेर उदास आंखों में रौशन से ख्वाब देंगे हम, दुनिया अब तुझे जिंदा जवाब देंगे हम ने पूरे सभागार को भावुक कर दिया। संघर्ष की कहानी और समाज पर चोट करते हुए कवि राजेश स्वर्णकार ने रचना...
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