गया, फरवरी 6 -- विवाह के लिए मांगलिक दिन शुरू होते ही डीजे की कर्कश शोर कोहराम मचाने लगा है। डीजे के लगातार बढ़ रहे प्रचलन ने बैंड वालों का बाजा तो बजा दिया है। साथ ही आम लोगों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है। डीजे का आतिशी शोर वृद्ध, नौनिहालों के अलावा हर्ट के रोगियों के लिए जानलेवा है। शहर में बारात के अलावा मूर्ति विसर्जन के मौके पर डीजे का जमकर उपयोग हो रहा है। नियम-कानून के बाद भी इसपर कार्रवाई नहीं हो रही है। इस सीजन में चार फरवरी से लेकर 14 मार्च तक तक शादी-विवाह के दिन होने के कारण डीजे की धूम मचती रहेगी। पूरा लगन मैरेज हॉल, धर्मशाला के पास रहने वालों की नींद हराम रहेगी। ध्वनि प्रदूषण एक्ट की उड़ रही धज्जियां, सख्ती की मांग बिहार कंट्रोल ऑफ दी यूज ऑफ लाउडस्पीकर एक्ट और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम की परवाह किए बगैर डीजे की आतिश...