रामपुर, मई 30 -- बहुउद्देशीय सहकारी समितियों (बीपैक्स) के कामकाज में पारदर्शिता, एकरूपता व वित्तीय अनुशासन को बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से डिजिटल किए जाने की कवायद चल रही है। इन समितियों पर कामन सर्विस सेंटर में भी तब्दील किया जा रहा है। जिसके लिए बी पैक्स में कंप्यूटर, इन्ववर्टर आदि को भेजा गया। हकीकत यह है कि एक-दो समितियों को छोड़ दिया जाए तो अधिसंख्य में भेजे गए कंप्यूटर पर धूल जम गई है। जिले में 64 बी-पैक्स की समितियां हैं। इन पर 32 सचिव तैनात हैं। इनमें से चार-पांच सचिव की कंप्यूटर चलाने में दक्ष हैं। उदाहरण के तौर पर ककरौआ बहुउद्देशीय समिति को देखा जा सकता है। परिसर को देखकर ऐसा नहीं लग सकता है कि केंद्र सरकार की ओर से आधुनिक सुविधाओं को लैस करने का उद्देश्य साकार हो रहा है। इस समिति पर न तो आनलाइन की सेवाएं लोगों को दी जा रही ह...
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