बहराइच, मार्च 27 -- रुपईडीहा, संवाददाता। श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पांचवे दिन अयोध्या से आए डॉ प्रभंजानानंद शरण ने कहा कि ईश्वर एक है। प्रह्लाद ने अपने पिता के अहंकार के आगे झुकना स्वीकार नहीं किया। उन्हें पहाड़ से गिराया गया, होलिका के साथ जलाने का प्रयास किया गया फिर भी उन्होंने भगवान विष्णु की आराधना नहीं छोड़ी। वामन अवतार की कथा के बाद उन्होंने श्री राम जन्म व श्री कृष्ण जन्मोत्सव का विस्तार से बखान किया। कंस के अत्याचारों के वर्णन करते हुए उन्होंने कंस वध का वृतांत सुनाया। स्थानीय धर्मशाला में 23 मार्च से श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
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