लखनऊ, फरवरी 18 -- रोडवेज बस ड्राइवरों की आंखों की जांच के लिए बुधवार को कैसरबाग बस डिपो में नेत्र शिविर लगाया गया। शिविर में 110 ड्राइवर और कंडक्टरों ने अपनी आंखों की जांच कराई। कार्यशाला में डॉ. जवाहर लाल रोहतगी नेत्र चिकित्सालय के चिकित्सकों ने सुबह से शाम तक आंखों की जांच के दौरान दो कर्मियों के आंखों में मोतियाबिंद होने की बात कही। आयशर ड्राइवर केयर प्रोग्राम टीम के डॉक्टर शुभम साहू ने बताया कि जांच में संविदा कंडक्टर मुअज्जिन अली और रामनरेश के नेत्र परीक्षण के दौरान मोतियाबिंद पाया गया। कैसरबाग डिपो के एआरएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि हर माह नेत्र शिविर लगता है। इस बार काफी संख्या में कर्मियों ने आंखों की जांच कराई है। दो कर्मियों की आंखों में मोतियाबिंद मिला है तो कई लोगों की रोशनी कमजोर मिली है। डाक्टरों ने कई कर्मियों को चश्मा लगा...