देहरादून, अप्रैल 5 -- दून शहर में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के दायरे में आने वाले लोगों का पुनर्वास करने और मुआवजे की मांग को लेकर सीटू, जनवादी महिला समिति, बस्ती बचाओ आंदोलन, एसएफआई, भारत के जनवादी नौजवान सभा समेत अन्य संगठनों ने काठबंगला बस्ती में पैदल मार्च किया। वक्ताओं ने कहा कि यदि बस्तियों को उजाड़ने का काम किया गया तो संगठन विरोध दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तीवासियों को सरकार जल्द मालिकाना हक देने का वायदा पूरा करे। सीटू के महामंत्री लेखराज ने कहा कि एलिवेटेड रोड परियोजना में पुनर्वास और मुआवजे का प्रावधान नहीं है। जबकि यह प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व चकराता रोड के चौड़ीकरण के अलावा अन्य परियोजनाओं में मुआवजे का प्रावधान किया गया था। ऐसे में सरकार बस्तियों में रह रहे लोगों को अतिक्रमणकारी कहकर जिम्मेदारी से न...
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