गोपालगंज, नवम्बर 16 -- कुचायकोट। एक संवाददाता प्रखंड क्षेत्र के किसानों की हालत इन दिनों बेहद खराब है। बीते अक्टूबर महीने में हुई भारी वर्षा के कारण अधिकांश खेतों में जलभराव हो गया, जिससे धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। कई जगहों पर अब भी पानी जमा है, जिससे पौधे सड़ गए और बालियां पकने से पहले ही झुलसकर गिर गईं। किसानों का कहना है कि इस बार उनकी सालभर की मेहनत कुछ ही दिनों में बर्बाद हो गई। किसान और जनप्रतिनिधियों ने फसल क्षति सर्वे तेजी से कराकर प्रभावित किसानों को तत्काल राशि देने की अपील की है। किसानों ने बताया कि जहां सामान्य वर्षों में एक बीघा खेत से 10-12 क्विंटल धान मिलता था, वहीं इस बार मुश्किल से 1-2 क्विंटल उपज हुई। कई किसानों को तो एक क्विंटल धान भी नहीं मिल सका। थोड़ी बहुत बची फसल घर तक पहुंची, लेकिन उत्पादन इतना कम है कि लागत भ...