संभल, जून 22 -- संभल की राजनीति, जो दशकों से समाजवादी पार्टी के दो दिग्गज मुस्लिम नेताओं दिवंगत सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क और नवाब इकबाल महमूद के इर्द-गिर्द घूमती रही है, एक बार फिर चौराहे पर खड़ी दिख रही है। 24 नवंबर 2024 की हिंसा के बाद बनी एसआईटी की रिपोर्ट और हाल ही में दाखिल की गई चार्जशीट ने न सिर्फ सियासी समीकरण बदल दिए हैं, बल्कि एक बार फिर बर्क और इकबाल परिवारों के बीच छुपी तल्खी को सतह पर ला दिया है। संभल की राजनीति में एक दूसरे के धुर विरोधी माने जाने वाले सपा के कद्दावर नेता 6 बार के विधायक नवाब इकबाल महमूद और सपा के ही पूर्व दिवंगत सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क के बीच बड़ी राजनीतिक लड़ाई की चर्चा वैसे तो संभल से लेकर राजधानी लखनऊ तक ही रही है और समाजवादी पार्टी के संरक्षक रहे मुलायम सिंह यादव से लेकर वर्तमान अध्यक्ष अखिलेश याद...
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