मथुरा, नवम्बर 21 -- बरसाना एवं श्रीकृष्ण के बीच राधारानी के कारण पावन संबंध है। इसी कारण यहां श्रीकृष्ण को राधावर के रूप में पूजते हैं। यहां श्रीकृष्ण महिमा राधारानी से ही है। प्रख्यात भागवताचार्य रमेश भाई ओझा ने माताजी गोशाला में अष्टदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन यह उद्गार व्यक्त किए। शुक्रवार को उन्होंने रासलीला का दिव्य रहस्य समझाते हुए कहा कि अपनी आत्मा में रति रखने वाले साधक के लिए कोई कर्त्तव्य शेष नहीं रहता। उन्होंने कहा कि राधारानी श्रीकृष्ण की आल्हादिनी शक्ति हैं। वे उनसे अलग नहीं, बल्कि उनकी आत्मा हैं। ज्ञान की दृष्टि से जो आत्माराम हैं, वही भक्ति की दृष्टि से राधारमण हैं। उन्होंने कहा कि वृषभानुजी धर्म के चार चरण सत्य, तप, पवित्रता एवं दया के धनी थे। इसी कारण राधारानी उनके यहां पुत्री रूप में प्रकट हुईं। शाम को नवदिवसीय स...