गंगापार, अगस्त 28 -- बरसात के बाद मांडा क्षेत्र के दो तीन ग्राम पंचायतों के दर्जनों गांवों में मेजा व मांडा क्षेत्र के आठ जंगली नालों का बरसाती पानी अभी तक भरे होने से तमाम किसानों की खेती जलमग्न होकर बर्बाद हो गयी है। इन गांवों में इस समय भी तालाब की दशा बनी हुई है, लेकिन बरसाती पानी के निकास की व्यवस्था न तो स्थानीय प्रशासन कर पा रहा है और न ही जन प्रतिनिधि रुचि ले रहे हैं, जिससे किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मांडा क्षेत्र के बरहा कला, नेवढ़िया, ढिलिया, ढेढ़रा, मसौली, ऊंटी आदि ग्राम पंचायतों के दर्जनों गाँव चारों ओर पहाड़ी क्षेत्र से घिरे काफी गड्ढे नुमा क्षेत्र में हैं। बरसात के बाद इन ग्राम पंचायतों के गांवों में मेजा के अंतरी, अमिलिया, कुर्की, जमुआ, जरार, अखरी शाहपुर व मांडा क्षेत्र के उमान, जफरा, सुरवांदलापुर आदि जंगली नालों, न...
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