मुजफ्फर नगर, जनवरी 16 -- एसआईआर के दौरान नए वोटर बनने के फॉर्म जमा कराने में राजनीतिक दलों के 7,237 बीएलए फिसड्डी साबित हुए हैं। भाजपा के 1982 बीएलए ने करीब 250 फॉर्म तो सपा ने 500 से अधिक जमा कराए हैं। जबकि कांग्रेस और बसपा के हाथ खाली रहे हैं। मजेदार बात यह है कि राष्ट्रीय लोकदल के जिले के छह में से चार विस क्षेत्र में चार विधायक भी हैं, बावजूद इसके पार्टी के शीर्ष नेतृत्व व जिलाध्यक्ष बूथ लेविल एजेंट ही नहीं बना पाए। यही हाल आम आदमी पार्टी और आजाद समाज पार्टी की भी रही है। जबकि ये सभी दल आगामी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में ताल ठोकने के लिए पूरी तैयारी में जुटे हुए हैं। ऐसे में देखा जाए तो राजनीति बयानबाजी तक ही सीमित हैं, धरातल पर वोट बनवाने में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। हालांकि अब तक छह विस क्षेत्र में नए वोटरों ने करीब पांच ह...