वाराणसी, जनवरी 7 -- बनारस में उल्टी गंगा बहती है। यह कहावत नहीं एक सच्चाई है। यह सच्चाई वोटर लिस्ट के लिए हुए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में भी दिखाई दी है। जो शायद कहीं नहीं हुआ, वह बनारस में हो गया है। ड्राफ्ट सूची में बड़ी संख्या में नाम कटने का मामला मंगलवार से ही छाया हुआ है। करीब तीन करोड़ लोगों का नाम कट जाना हैरान कर रहा है। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। बनारस में इसका उल्टा हुआ है। यहां काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के लिए ध्वस्त कर दिए गए मकानों में रहने वालों का नाम भी नई सूची में है। यानी मकान का अस्तित्व नहीं है। इसमें रहने वाले भी यहां नहीं रहते हैं। इसके बाद भी नई सूची में मकान नंबर भी है और रहने वालों का नाम भी है। यह खुलासा बुधवार को स्थानीय लोगों के ऑनलाइन मतदाता सूची की खोजबीन में हुआ। स्थानीय नागरिकों ...