सराईकेला, जनवरी 7 -- सरायकेला, संवाददाता । जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने कहा कि आज भी हमारे समाज के कुछ हिस्सों में बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी कुरीतियां जड़ें जमाए बैठी हैं। ये न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि सामाजिक प्रगति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा भी हैं। बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी बुराइयां समाज के लिए एक अभिशाप हैं। हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा, जहां बचपन सुरक्षित हो और महिलाओं को सम्मान मिले। बदलाव की शुरुआत हमारे अपने घर और सोच से होनी चाहिए। वह मंगलवार को टाउन हॉल में बाल विवाह मुक्त झारखंड एवं डायन प्रथा उन्मूलन विषयक अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला में बोल रहे थे। यह समाज कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक कुरीति निवारण योजना के अंतर्गत संचालित हमारा संकल्प-सुरक्षित एवं सशक्त महिला सशक्त झारखंड कार्यक...