देहरादून, फरवरी 18 -- उत्तराखंड के उच्च हिमालयी और बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में इस वर्ष सितंबर माह में जनगणना कराई जाएगी, जबकि राज्य के शेष हिस्सों में जनगणना अगले वर्ष 9 से 28 फरवरी के बीच संपन्न होगी। बर्फबारी के कारण सर्दियों में आबादी के पलायन को देखते हुए यह विशेष व्यवस्था की गई है। जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश के ऐसे 131 गांवों और तीन कस्बों का चिह्नीकरण पूरा कर लिया गया है, जहां फरवरी माह में भारी बर्फबारी के कारण लोग निवास नहीं करते और निचले इलाकों की ओर पलायन कर जाते हैं। ये गांव मुख्य रूप से पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में स्थित हैं। यह भी पढ़ें- खाने से लेकर स्मार्ट फोन... अप्रैल से शुरू जनगणना में आपसे पूछे जाएंगे ये सवाल यह भी पढ़ें- गुजरात में होने वाली जनगणना का टाइम टेबल, ...