एटा, मई 5 -- मेडिकल कालेज की टीबीसीडी ओपीडी में अस्थमा रोगी बढ़े हैं। ओपीडी में चिकित्सक आने वाले मरीजों को जांच कराकर उपचार को परामर्श दे रहे हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 40 से 50 अस्थमा रोगी उपचार लेने पहुंच रहे है। आंधी आने से अस्थमा रोगियों के लिए धूल भरा पर्यावरण हानिकारक है। सोमवार को टीबीसीडी ओपीडी में मौजूद चिकित्सक डा. संतोष कुमार ने बताया कि वर्तमान में आंधी और धूल-मिट्टी उड़ने के कारण अस्थमा रोगियों के लिए हानिकारक है। उन्होंने बताया कि अस्थमा श्वसन मार्ग का एक आम जीर्ण सूजन वाला रोग है। आम लक्षणों में घरघराहट, खांसी, सीने में जकड़न और श्वसन में समस्या शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दमा को आनुवांशिक और पर्यावरणीय कारकों से हो सकता है। इसका निदान सामान्यतया लक्षणों के प्रतिरूप, समय के साथ उपचार के प्रति प्रतिक्रिया और स्पाइरोमेट्रीपर आ...
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