फतेहपुर, नवम्बर 13 -- फतेहपुर। बदलती जीवनशैली, तनाव और शारीरिक सक्रियता की कमी ने मधुमेह को महामारी की शक्ल दे दी है। कभी 40-50 वर्ष की उम्र में दिखने वाला यह रोग अब 25 से 38 वर्ष के युवाओं को तेजी से जकड़ रहा है। शहर के सरकारी व निजी अस्पतालों में मधुमेह रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल में हर दिन करीब आधा सैकड़ा मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। शुगर केवल शरीर ही नहीं, दिमाग पर भी असर डाल रही है। जिससे मरीज भूलने की आदत, गुस्सा और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। मेडिकल कालेज में तैनात डा. शुभम मिश्रा बताते हैं कि लगातार हाई शुगर लेवल से मस्तिष्क की सूक्ष्म रक्त वाहिकाएं और न्यूरॉन्स प्रभावित होते हैं। इससे मेमोरी सेंटर की कोशिकाओं की क्षमता घटने लगती है, जिसके कारण मरीज छोटी-छोटी बातें भूलने लगते हैं। वहीं दिमागी ...