देहरादून, फरवरी 11 -- देहरादून में बड़ा चिकित्सीय करिश्मा देखने को मिला, जब पांच साल की बड़ी बहन की जिंदगी बचाने के लिए उसकी 18 महीने की छोटी बहन खुशी सामने आई। डॉक्टरों ने अप्लास्टिक एनीमिया से ग्रसित पांच वर्षीय बच्ची का सफलतापूर्वक बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया है। अस्पताल का दावा है कि उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में खुशी सबसे उम्र की डोनर बन गई है। हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में चिकित्सकों ने अप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित पांच वर्षीय बच्ची का सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया है। पांच वर्षीय श्रुति के लिए उसकी डेढ़ वर्षीय बहन खुशी बोन मैरो डोनर बनी है। डॉक्टरों के अनुसार, श्रुति को जन्म से ही बार-बार सर्दी, बुखार और त्वचा संक्रमण जैसी समस्याएं घेरती रहती थीं। परिजन लंबे समय से उसकी सेहत को लेकर चिंतित थे और उसे उचित उपचार दिलाने के लि...