गोरखपुर, जून 28 -- गोरखपुर। मुख्य संवाददाता उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में बिना पंजीकरण के संचालित हो रही बड़ी भू-संपदा परियोजनाओं पर सख्ती बढ़ा दी गई है। रेरा अधिनियम, 2016 की धारा-3 के तहत 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल अथवा 8 या उससे अधिक फ्लैट या अपार्टमेंट वाली परियोजनाओं का रेरा में पंजीकरण अनिवार्य है। इसके उल्लंघन पर रोक लगाने के लिए प्रदेश स्तर पर सघन जांच अभियान शुरू किया गया है। प्राधिकरण सर्वेक्षण के बाद यूपी रेरा को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। रेरा में पंजीकरण न कराने पर यूपी रेरा प्रोजेक्ट कास्ट का 10 फीसदी जुर्माना, 03 साल का कारावास या जुर्माना और कारावास दोनों कर सकता है। शासन के आदेशों के मुताबिक रेरा में बिना पंजीकरण के किसी भी प्रकार की बुकिंग, विक्रय या विज्ञापन प्रतिबंधित है। बावजूद इसके कई भू-परियोजन...