मुजफ्फरपुर, फरवरी 2 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। वर्ष 2000 के बाद खादी के वस्त्र तैयार करने वाले कतिन, बुनकर और रंगरेजों की आमदनी को बढ़ाने का कोई प्रयास नहीं हुआ। इससे खादी के पारंपरिक व्यवसाय को छोड़ नौकरी के लिए बड़ी संख्या में लोग पलायन करने लगे। लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने अब बजट में खादी को बढ़ावा देने, रोजगार के साथ बाजार को बड़ा करने के लिए प्रावधान किया है। इससे कतिन, बुनकर और रंगरेजों के दिन बहुरनें की संभावना है। देश में वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पांच योजनाओं के एक एकीकृत कार्यक्रम का प्रस्ताव किया है। इसके अलावा खादी को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना भी शुरू की जाएगी। इसके साथ ही कतिन, बुनकर और रंगरेज के उत्थान के लिए राष्ट्रीय हथकरघा स्कीम 2.0 शुरू करना प्रस्तावित है। इससे खादी, हैंड...