नई दिल्ली, जनवरी 8 -- नई दिल्ली। उद्योग निकाय एसोचैम ने सरकार से आगामी बजट में हाइड्रोजन आधारित 'डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन' तकनीक को अपनाने के लिए प्रोत्साहन देने और इस्पात कंपनियों को इस बदलाव में मदद के लिए रियायती दरों पर हरित वित्त उपलब्ध कराने का आह्वान किया है ताकि स्वच्छ एवं टिकाऊ उत्पादन प्रणालियों में निवेश को बढ़ावा मिल सके। 'डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन' लोहे के उत्पादन की एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें लौह अयस्क को पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस की बजाय कम तापमान पर गैस या हाइड्रोजन की मदद से सीधे लौह में बदला जाता है।
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