लखनऊ, जनवरी 12 -- सीएचसी का हाल लखनऊ, संवाददाता। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की सभी सीएचसी को बजट नहीं मिल पा रहा है। इस बार रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) का बजट भी नहीं जारी हो सका है। इस वजह से मरीजों को सीएचसी पर बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। कई सीएचसी अधीक्षक तो अपने वेतन और उधार पर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। सुई, रुई से लेकर जरूरी दवाएं तक खरीदने के लाले पड़े हुए हैं। सीएचसी के प्रभारी और अधीक्षक लगातार बजट की मांग कर रहे हैं। कई प्रभारी तो बिजली का बिल नहीं जमा कर पा रहे तो कई भवन का किराया भी नहीं चुका सके। सीएमओ के अधीन 20 सीएचसी का संचालन किया जा रहा है। हर सीएचसी को रोगी कल्याण समिति का सालाना बजट पांच लाख रुपए प्रभारी के खाते में दिया जाता है। इन सीएचसी को छह माह पूर्व स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहली किश्त ढाई लाख रुपए दी गई थी। वह...
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