रांची, फरवरी 1 -- रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट झारखंड के प्रति उसकी असंवेदनशीलता और भेदभावपूर्ण रवैये को एक बार फिर उजागर करता है। यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से लगातार पड़ोसी भाजपा-शासित राज्यों पर विशेष मेहरबानी दिखाई जा रही है, जबकि झारखंड को हर बजट में उपेक्षा का शिकार बनाया जा रहा है। यह सौतेला व्यवहार अब छिपा नहीं रहा, जनता सब देख रही है और समझ रही है। झामुमो ने कहा कि झारखंड जैसे खनिज-संपन्न, श्रमशील और योगदान देने वाले राज्य को न तो बकाया राशि मिल रही है, न ही उसके विकास की वास्तविक जरूरतों को बजट में जगह दी जा रही है। कोल कंपनियों के पास बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये आज भी लंबित हैं। मनरेगा के ...