मुरादाबाद, जून 6 -- दुनिया में मां का दर्जा ईश्वर से ऊंचा माना जाता हैं। मां अपने बच्चों के लिए हर कसौटी से गुजरने के लिए तैयार रहती है। वर्तमान में अपने बच्चों के भविष्य के लिए खेल के मैदान में जी तोड़ मेहनत कर रही हैं। अपने बच्चों को धोनी-विराट बनाने के लिए मैदान में लगातार पसीना बहा रही हैं। मैदान में क्रिकेट की पिच पर जब एक खिलाड़ी बॉल को बैट से हिट करके रन बनाता है तो उसके रन को पूरा करने के लिए दूसरी छोर से भी एक खिलाड़ी भागता है। नॉन स्ट्राइकर एंड का साथी खिलाड़ी भी उतनी ही मेहनत करता है, जितना बॉल खेलने वाला खिलाड़ी करता है। आजकल ऐसा ही नजारा स्टेडियम और खेल एकेडमी में भी आम है। लाडले को खेल में आगे बढ़ाने के लिए माताएं जरूरी काम-काज छोड़कर उनके भविष्य को संजोने में लगी हैं। स्टेडियम में उन्हें प्रैक्टिस के लिए ले जाती हैं और वहां...