रांची, फरवरी 16 -- झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि बुजुर्ग माता-पिता को उनके ही घर में प्रताड़ना सहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। अदालत ने साफ किया कि यदि बुजुर्ग माता-पिता और उनके बच्चे साथ शांति से नहीं रह सकते, तो घर में रहने का अधिकार बुजुर्गों का ही होगा। जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने रामगढ़ के एक बुजुर्ग दंपति की याचिका पर सुनवाई करते हुए उपायुक्त रामगढ़ के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है और कानून भी यही कहता है।यह है पूरा मामला यह मामला रामगढ़ के 75 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी पत्नी से जुड़ा है, जिन्होंने अपनी कमाई से घर बनाया था। दंपति का आरोप था कि बेटा और बहू उन्हें प्रताड़ित कर रहे थे, जिससे घर में शांतिपूर्ण जीवन संभव नहीं रह गया था। इस पर उन्होंने वरि...