समस्तीपुर, फरवरी 10 -- पूसा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, पूसा (डायट) की प्राचार्य डॉ. श्वेता सोनाली ने कहा कि बच्चों के चहुंमुखी विकास में शिक्षकों व अभिभावकों की भूमिका अहम होती है। वे शिक्षा के साथ अच्छे संस्कारों से उनके उज्जवल भविष्य बनाने में मूर्तिकार की भूमिका निभाते हैं। इसमें शिक्षकों का दायित्व सबसे अधिक है। वे समाज विकास की रीढ़ को सशक्त करते हैं। जरूरत है अपने दायित्वों को समझने की। वे सोमवार को डायट के सभागार में डीएलएड कोर्स में नवनामांकित छात्रों को संबोधित कर रहे थे। मौका था छात्रों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का। उन्होंने कहा कि मूर्तिकार मिट्टी को आकार देता है। उसी तरह शिक्षक बेहतर भविष्य निर्माण करते हैं। उन्होंने प्रशिक्षु छात्रों से कहा कि वे प्रशिक्षण के दौरान शिक्षक के मूल मंत्र को अमल करते हुए निरंतर सीखने की कला...
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