नई दिल्ली, जुलाई 22 -- आज के समय में मोबाइल फोन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। काम हो या मनोरंजन, ज्यादातर टाइम स्क्रीन पर बिताना लोगों की आदत बन चुका है। लेकिन सोचने की बात है कि हमारी स्क्रीन से चिपके रहने की ये आदत कहीं हमारे बच्चों की परवरिश पर कोई नेगेटिव इफेक्ट तो नहीं डाल रही? एक तरफ ज्यादातर पेरेंट्स कि ये शिकायत रहती है कि उनके बच्चे मोबाइल फोन से चिपके रहते हैं, ऐसे में जब पेरेंट्स ही ज्यादा मोबाइल देखने लगें तो इसका बच्चों पर क्या असर होगा? बच्चों को समय देने के बजाय अगर मां-बाप लगातार मोबाइल में बिजी रहते हैं, तो इसका बच्चों पर बहुत ही गहरा असर पड़ता है। चलिए जानते हैं इसके क्या-कुछ नुकसान हो सकते हैं।बच्चों को इमोशनली अनदेखा तो नहीं कर रहे आप? जब पेरेंट्स ज्यादातर टाइम मोबाइल में बिजी रहते हैं, तो बच्चा खुद को अवॉइडेड फ...
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