लखनऊ, जनवरी 20 -- भारतेन्दु नाट्य अकादमी की शीतकालीन बाल रंगमंच कार्यशाला में तैयार नाटक जतन ही रतन का मंचन किया गया। मनीष सैनी के लेखन और निर्देशन में नाटक का मंचन संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में हुआ। नाटक में बच्चों का अभिनय, संगीत और मंच सज्जा ने कहानी को जीवंत बनाए रखा। नाटक की कहानी तेनाली नाम के गांव की है। जहां सभी लोग मेहनत करते हैं। वहीं रमन नाम का एक युवक भी है जो बुद्धिमान तो है लेकिन आलसी और काम चोर भी है। गांव में एक साधु आता है और रमन को सोते देख क्रोधित होता है और रमन को साधु एक मंत्र देते हैं और कहते हैं कि मंदिर में जाकर जाप करो। रमन जाप करता है देवी प्रकट होकर उसे धनवान और राज विदूषक बनने का वरदान देती हैं। कई रोचक घटनाओं के साथ अन्त में रमन पशु बलि पर रोक लगवााता है और राज विदूषक बन गांवों वालों का कर्जा माफ करवा दे...