नई दिल्ली, फरवरी 22 -- यूपी के बांदा में 34 बच्चों के यौन शोषण और उनके पोर्न वीडियो और अश्लील तस्वीरें बनाने के मामले में जेई रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को मृत्युदंड की सजा सुनाते हुए कोर्ट ने इस अपराध को विरलतम से भी विरलतम (rarest of rare) माना है। लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम के अनुसार अदालत ने फैसले में कहा कि दोषियों ने ऐसा जघन्य कृत्य किया, जिससे किसी बच्चे की भौंह टेढ़ी हो गई तो किसी की आंख प्रभावित हो गई। बच्चों के निजी अंग क्षत-विक्षत हुए। ऐसे में कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई। जेई रामभवन का घिनौना कृत्य बच्चे घटना के कई साल बाद भी भूल नहीं पाए। कोर्ट में बयान के दौरान कुछ बच्चे उसका कृत्य याद आने पर सहम जाते थे। पांच साल पहले भी जब सीबीआई ने जेई रामभवन से बच्चों से सामना कराया था तो उसे देख इतना डर गए कि कुछ बोलने को तैय...