रामपुर, नवम्बर 18 -- रामपुर। आजम खां खुद कानून की पढ़ाई किए हुए हैं। उन्होंने सियासत के बीच वकील का पेशा भी चुना था। उनका चैंबर आज भी रामपुर कचहरी में है। लिहाजा, कानून की हर बारीकी को अच्छे से जानते और समझते हैं। यही वजह है कि वह अपने और अपने परिवार पर दर्ज मुकदमों में हर कानूनी दावंपेच आजमा रहे हैं। जिस पैनकार्ड के मामले में आज सजा हुई है, उसमें भी उन्होंने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी दांव खेले। रिवीजन दाखिल किया, लेकिन वक्त ने साथ नहीं दिया और वह फेल हो गए। सजायाफ्ता होने के बाद जा चुकी है पिता-पुत्र की विधायकी रामपुर। सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां को पहले भी कोर्ट से सजा हो चुकी हैं। आजम खां को पहली बार भड़काऊ भाषण देने के मामले में 2022 में एमपी-एमएलए कोर्ट ने सजा सुनाई। जिस पर उनक...