प्रयागराज, जनवरी 27 -- देश की सुरक्षा के लिए सरहद पर 24 घंटे मुस्तैद रहने वाले सेना के अधिकारी और जवानों का मंगलवार सुबह दूसरा रूप नजर आया। हाथों में हथियार लेकर सुरक्षा में मुस्तैद रहने वाले सेना के जवान सैन्य वाहनों की जगह बग्घी, घोड़ा-हाथी पर सवार होकर माघ मेला क्षेत्र में दिखाई पड़े। विगत वर्षों की भांति इस साल भी ओडी फोर्ट से संगम तक निशान यात्रा निकाली गई। सेना के अफसर और जवान इसी निशान यात्रा का हिस्सा थे। यात्रा में सेना के जवान जयकारे के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। कमांडेंट (आयुध भंडार) कर्नल महिम शर्मा ने किला से सभी सब-यूनिटों के ध्वज पूजन एवं शंखनाद के निशान यात्रा का शुभारंभ किया। सेना के अफसर सामान्य ड्रेस में बग्घी और घोड़ा-हाथी पर सवार थे। जबकि जवान पैदल चल रहे थे। आयुध भंडार में काम करने वाले सैकड़ों असैनिक कर्मचारी भी...