मुजफ्फरपुर, जनवरी 10 -- मुजफ्फरपुर, हिप्र। प्ली बार्गेनिंग व सुलहनीय मामलों को लेकर शनिवार को जेल में बंदियों के बीच विधिक जागरूकता कार्यक्रम किया गया। इसमें 150 बंदियों ने भाग लिया। लीगल एड डिफेंस कौंसिल (लएडीसी) रामबाबू सिंह, सहायक एलएडीसी जीशान अहमद व प्रार्थना प्रिया ने उन्हें इस कानून की जानकारी दी। भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता के अनुसार इसके लिए आरोप तय होने के 30 दिन के अंदर स्वेच्छा से अपना अपराध स्वीकार कर लेते हैं तो उन्हें कोर्ट से न्यूनतम सजा मिलेगी। कम गंभीर मामलों में अगर आरोपित अपना अपराध स्वीकार कर लेते हैं तो उन्हें यह लाभ मिलेगा। अगर वे जेल में बंद हैं तो वे जल्द बाहर आ जाएंगे। इससे मुकदमेबाजी में लगने वाले समय व खर्च की बचत होगी। वहीं कोर्ट में मुकदमें की सुनवाई में तेजी आएगी। जागरूकता कार्यक्रम में सहायक जेल अधीक्षक शाद...