उरई, नवम्बर 28 -- कालपी। कालपी में बंदरों, कुत्तों एवं आवारा जानवर ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। सीएचसी में सात माह में बंदरों और कुत्तों के काटने से 1966 लोगों को एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाया गया। कालपी सीएचसी में 1 अप्रैल से 31 अक्टूबर तक आवारा कुत्तों के काटने से 527 प्रभावितों को इंजेक्शन लगाए गए, जबकि पालतू कुत्तों के काटने से 387 इंजेक्शन और बंदरों के काटने से 593 ने एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाया है। नगर की सड़कों, गलियों, घरों की छत का आलम यह है कि जगह-जगह कुत्तों तथा बंदरों के झुंड विचरण करते हुए दिखाई देते हैं। सार्वजनिक स्थानों में नागरिकों का पैदल चलना किसी मुसीबत से काम नहीं है। रास्ते में चलती महिलाओं व बच्चों को निशाना बना काटने की घटना को कुत्ते व बंदर अंजाम देने में नहीं हिचकते हैं। बंदरों के हमलों से कई लोगों को छत से...
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