भोपाल, जनवरी 27 -- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में एक फौजी की याचिका पर नाबालिग बच्ची का डीएनए टेस्ट कराने की मंजूरी देने के फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। पति ने अपनी पुलिस कॉन्स्टेबल पत्नी पर लगाए गए व्यभिचार (Adultery) के आरोपों को सही साबित करने के लिए कोर्ट से बच्ची का डीएनए टेस्ट कराने की मंजूरी मांगी थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने व्यक्ति की पत्नी द्वारा दायर याचिका को खारिज दिया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में फैमिली कोर्ट द्वारा बच्ची का डीएनए टेस्ट का आदेश देना पूरी तरह सही है। यह भी पढ़ें- यौन शोषण पीड़िता का नाम कोर्ट डॉक्यूमेंट में भी प्रकट न करें, पुलिस से बोला HCपुलिस कॉन्स्टेबल है पत्नी लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, बेंच ने कहा कि पति ने कहा है कि वह भारतीय सेना...
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