नैनीताल, दिसम्बर 5 -- नैनीताल, संवाददाता। नैनीताल समेत आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन तेजी से बढ़ने के साथ ही जंगलों में प्लास्टिक कचरे का खतरा भी गहराता जा रहा है। शहर से लेकर जंगलों की गहराइयों तक पहुंच रहा प्लास्टिक न केवल प्राकृतिक सुंदरता को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि वन्यजीवों और जंगल के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र पर भी गंभीर असर डाल रहा है। पिछले एक दशक में नैनीताल क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट, होम स्टे और फूड वैनों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। पर्यटकों की आमद बढ़ने के साथ शहर के बाद अब जंगल भी प्लास्टिक कचरे की चपेट में आने लगे हैं। कई जगहों पर ट्रैकिंग रूट, व्यू प्वाइंट और पिकनिक स्पॉट प्लास्टिक की बोतलों, पॉलीथिन और रैपर से अटे पड़े दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय युवाओं में जंगलों में पार्टी करने का बढ़ता चलन स्थिति को और ...