गिरडीह, सितम्बर 12 -- जमुआ। जमुआ के मिर्जागंज मंडी 70, 80 के दशक में एक महत्वपूर्ण व्यवसायिक मंडी थी। जहां खाद्यान्न, सोना, चांदी, और कपड़ों की खरीद फरोख्त होती थी। व्यापारियों का मानना है कि सरकारी उदासीनता के कारण इस मंडी विकास की मंजिल नहीं छू सका। बताते चले कि जमुआ देवघर मुख्य मार्ग और जमुआ से तीन किलोमीटर दूर मिर्जागंज 70, 80 के दशक में एक बड़ी व्यावसायिक मंडी के रूप में विख्यात थी। विभिन्न प्रकार की खादानों की थोक मंडी के रूप में जिले भर में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाला मिर्जागंज मंडी की व्यवसायिक चमक अब अतीत का हिस्सा बनकर रह गयी है। बताया जाता है कि यहां के व्यापारी देश के बड़ी मंडियों मसलन कानपुर, नासिक, हापुड़, पटना आदि जगहों से माल मंगवाकर पूरे जिले में आपूर्ति करते थे। तब इस मंडी में जिले के तीसरी, गावां, मालडा, देवरी, चकाई, राज...
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