नई दिल्ली, दिसम्बर 24 -- जब किसी फिल्म की शुरुआत होती है तो आपने देखा होगा कि एक सर्टिफिकेट बनकर आता है। ये सर्टिफिकेट फिल्म्स को सेंसर बोर्ड यानी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा दिया जाता है। इस सर्टिफिकेट से फिल्म के बारे में कई जानकारियां पता चलती हैं। आज हम आपको बता रहे हैं इस सर्टिफिकेट में कौन-कौन सी जानकारी छिपी होती हैं। साथ ही, हम आपको बता रहे हैं फिल्म सर्टिफिकेट मिलने का प्रोसेस कितना लंबा होता है। सेंसर बोर्ड एक वैधानिक संस्था है, जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत काम करती है। यह बोर्ड हमारे देश की फिल्मों को उसके कंटेंट के हिसाब से सर्टिफिकेट प्रदान करती है। अगर किसी फिल्म के पास सेंसर बोर्ड का सर्टिफिकेट नहीं है, तो वो फिल्म किसी भी पब्लिक प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं की जा सकती है। यह भी पढ़ें- सिनेमा और पॉपकॉर्न का ...