इलाहाबाद, नवम्बर 30 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बैंक ग्राहकों के पक्ष में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा है कि बैंक फिक्स डिपॉजिट पर एकतरफा ब्याज दर कम नहीं कर सकते हैं। ऐसा करना अवैध होगा।यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार एवं न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने नेम कुमार जैन की याचिका पर दिया है। नेम कुमार जैन और उनके भाई बसंत कुमार जैन ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (जिसका विलय 2020 में पंजाब नेशनल बैंक में हो गया था) के खिलाफ याचिका में कहा था कि याचियों के एफडीआर पर अनुबंधित ब्याज दर 10.75 प्रतिशत और 10.25 प्रतिशत थी। बैंक ने एकतरफा तौर पर इसे घटाकर क्रमशः 9.25 प्रतिशत व 8.25 प्रतिशत कर दिया। याचियों की मांग की कि उन्हें मैच्योरिटी तक अनुबंधित दर पर ब्याज का भुगतान मिलना चाहिए। एफडीआर जारी करते समय तय की गई ब्याज दर बाध्यकारी संविदात्मक द...